सार शीर्षक:
बिहार शिक्षा विभाग ने सारण जिले के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एवं MDM प्रभारी विद्यानंद ठाकुर के खिलाफ शुरू की गहन जांच — मध्याह्न भोजन योजना में गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं।
🧾 घटनाक्रम – संक्षिप्त रिपोर्ट:
शिक्षा विभाग ने DEO का MDM (Mid-Day Meal) योजना संचालन में कथित गड़बड़ी और दिशा-निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से उठाया है और प्राथमिक जांच के आधार पर आरोपों को प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाया है।
विभाग ने शाहजहां (संयुक्त सचिव) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त करते हुए तीन माह में पूरी जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश जारी किया है। इसी अधिकारी को जांच की अगुवाई करनी है।
बताया गया है कि विद्यानंद ठाकुर वर्तमान में यूनिवर्सिटी सेवा आयोग (BPSC) में OSD (Officer on Special Duty) के पद पर तैनात हैं — परंतु जांच की कार्रवाई अभी भी उनके पूर्व पद से जुड़ी है।
📌 संभावित आरोपों की सूची:
निर्देशों का उल्लंघन
परीक्षणविहीन भोजन वितरण
अनुश्रवण के अभाव में वित्तीय गड़बड़ियाँ
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन का पालन न करना
🏛️ प्रतिक्रिया और असर:
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में औपचारिक कार्रवाई होगी, और दोष सिद्ध होने पर कठोर अनुशासनात्मक उपाय किए जाएंगे।
यह घटना मध्याह्न भोजन योजना में पारदर्शिता की आवश्यकता पर दोबारा प्रकाश डालती है और प्रशासनिक जवाबदेही को चुनौती देती है।
📌 निष्कर्ष:
शासन ने तत्कालीन DEO के खिलाफ विभागीय गहराई से जांच शुरू की है, ताकि स्पष्ट हो सके कि MDM योजना संचालन में कथित विफलता और गड़बड़ियाँ कहां हुईं।
तीन माह में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर, दोषियों पर कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही स्थापित करने और भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा सकता है!
