भारत में डिजिटल प्राइवेसी: नए कानून और आम जनता पर असर

📅 प्रकाशित: लोकव्यू | अगस्त 2025

भारत में डिजिटल प्राइवेसी (Digital Privacy) को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। संसद ने डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2025 पारित कर दिया है, जो हर नागरिक के ऑनलाइन डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।


1️⃣ नया कानून क्या कहता है? 📜

  • सभी कंपनियों को यूज़र्स से डेटा लेने से पहले स्पष्ट अनुमति लेनी होगी।
  • नागरिक अपने डेटा को देखने, डाउनलोड करने और हटाने का अधिकार रखेंगे।
  • बच्चों के डेटा के लिए विशेष सुरक्षा प्रावधान।

2️⃣ सोशल मीडिया पर असर 📱

अब फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म को डेटा शेयर करने से पहले यूज़र की क्लियर कंसेंट लेनी होगी।
💬 “यह कदम हमारे निजी जीवन की सुरक्षा को मजबूत करेगा,” कहते हैं साइबर एक्सपर्ट अमित मिश्रा।


3️⃣ कंपनियों पर भारी जुर्माना 💰

यदि कोई कंपनी डेटा का दुरुपयोग करती है तो उस पर ₹50 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।


4️⃣ आम जनता के लिए फायदे 🛡️

  • व्यक्तिगत डेटा की चोरी का खतरा कम।
  • साइबर क्राइम पर नियंत्रण।
  • डिजिटल सेवाओं में भरोसा बढ़ेगा।

5️⃣ चुनौतियाँ और सवाल

  • क्या छोटे स्टार्टअप इस कानून का पालन कर पाएंगे?
  • क्या ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपने डिजिटल अधिकारों के प्रति जागरूक हैं?

लोकव्यू की राय:
डिजिटल इंडिया में प्राइवेसी कानून एक मील का पत्थर है, लेकिन असली सफलता लोगों में जागरूकता और कंपनियों की ईमानदारी पर निर्भर करेगी।


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